स्तोत्र 30
तू प्रभु मेरा आश्रय है, तुझ पर मेरा भरोसा है ।
न्यायी होकर मुझे छुड़ा दे,
कभी हताश न होने दे ।
1. हे प्रभु मेरी ओर ध्यान दे
मुझे छुड़ाने को जल्दी आ । अल्लेलूया (2)
2. मेरे लिए आश्रय की चट्टान बन जा
और मेरी रक्षा के लिए एक शक्तिशाली गढ़ ।
अल्लेलूया (2)
3. तू ही मेरी चट्टान है और तू ही मेरा गढ़
अपने नाम के कारण तू ही मेरा गढ़
अपने नाम के कारण तू मेरा पथ-प्रदर्शन करता है ।
अल्लेलूया (2)
4. मैं अपनी आत्मा तेरे हाथ सौंपता हूँ
हे प्रभु तू मेरा उद्धार करेगा । अल्लेलूया (2)
5. हे प्रभु मुझे तुझ पर विश्वास है,
तेरे ही हाथों मेरा भाग्य है । अल्लेलूया (2)
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New Song (Naya Gaan) Page no. 53,
Hymn no. 30.
Hymn Book – (Naya Gaan)Sangeet Sagar
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