मंगलगान
स्थायी : वहाँ स्वर्ग में प्रभु की महिमा छाए
भू पर यहाँ शाँति प्रभु का जन पाए ।
1. कहते धन्य प्रभु गुण गाते
आराधन में लय हो जाते
परम पिता परमेश्वर के प्रति
हम श्रद्धा से नत हो जाते
स्वर्ग के स्वामी तू है सर्वशक्तिमान ।
2. कृतज्ञता से अन्तरमन भर जाए
येसु तू ही पाप को हरने वाले
शोभित जो दाहिने पिता के
हे प्रभु के मेमने ।
3. तू ही पावन है पिता की महिमा में
सबसे ऊँचा है पवित्र आत्मा संग ।
Song Link –
New Song (Naya Gaan) Page no. 19,
Hymn no. 14.
Hymn Book – (Naya Gaan)Sangeet Sagar
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