मानवता मेरा गिरजाघर
जिसकी हदय वेदिका पर
प्रभु की जननी प्रभु परमेश्वर
1. इसे रखूँगा मैं नित पावन अपने करूणा जल से धोकर
इसे करूँगा मैं आलोकित शुभ भावों के दीप जलाकर ।
2. पुराकाल से प्रथित प्रशंसित प्रभु का नाम सुरभि से सुरभित भ्रातृ भाव के कुसुम पुँज से इसके मानस को दूँगा भर ।
3. निज जीवन के वाद्य यंत्र पर प्रेम दया सेवा भावों के
स्वर सरगम से हो अनुगूँजित गाऊँगा मैँ गीत मनोहर ।
Song Link –
New Song (Naya Gaan) Page no. 100,
Hymn no. 42.
Hymn Book – (Naya Gaan)Sangeet Sagar
ChristianPrayerSongs
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