मेरी आत्मा गाती है महिमा, गाती है महिमा
गाती है प्रभु की महिमा, महिमा ।
1. मेरा मन अपने मुक्तिदाता में,
आनन्द हर्ष मनाता है ।
2. क्योंकि प्रभु ने निज दासी की,
दीनता पर दृष्टि फेरी है ।
3. अब मुझे पीढ़ियों धन्य कहेंगी,
नारियों में धन्य कहेंगी ।
4. क्योंकि प्रभु ने मेरे लिए किये हैं
कार्य महान् महान, महान् ।
5. पावन प्रभु नाम उसकी किरपा
भक्तों पर पीढ़ी-दर-पीढ़ी है।
6. उसने अपना बाहुबल दिखाया ।
तितर-बितर किया अहंकारियों को ।
7. शक्तिशालियों को पदच्युत कर दिया,
दीनों को उसने बनाया महान ।
Song Link –
New Song (Naya Gaan) Page no. 201,
Hymn no. 17.
Hymn Book – (Naya Gaan)Sangeet Sagar
ChristianPrayerSongs Know
No comments:
Post a Comment