प्रभु के पर्वत पर कौन चढ़ेगा
उसके मंदिर में कौन रह पायेगा – 2
1. पृथ्वी और जो कुछ उसमें है
संसार और उसके निवासी सब प्रभु का है
क्योंकि उसी ने सागर पर उसकी नींव डाली
और जल पर स्थापित किया है ।
2. वही जिसके हाथ निर्दोष हैं
और जिसका हदय निर्मल है
जिसका मन असार संसार में नहीं रमता
जो शपथ खाकर धोखा नहीं देता ।
3. प्रभु की आशिष उसे प्राप्त होगी
मुक्तिदाता उसे धार्मिक मानेगा
ऐसे हैं वे जो प्रभु की खोज में लगे रहते हैं
जो प्रभु के दर्शनों के लिये तरसते हैँ ।
4. फाटको मेहराब ऊपर करो (2)
प्राचीन द्वारो ऊँचे हो जाओ
महाप्रातापी राजा को प्रवेश करने दो ।
Song Link –
New Song (Naya Gaan) Page no. 46,
Hymn no. 36.
Hymn Book – (Naya Gaan)Sangeet Sagar
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