जग के कोने कोने में (2)
आओ ज्योति जला दें (2 )
जग के कोने कोने में (2)
प्रेम प्रीति औ न्याय रीति से
जन मन को उमगा दें ।
तेरी अनुकंपा के गाने
घर-घर आज गूँजा दें ।
तेरी कान्तिमयी लीला को
हर मन में आज़ पुजा दें ।
आओ ज्योति जला दें, ज्योति जला दें,
ज्योति जला दें । ( 3 )
Song Link –
New Song (Naya Gaan) Page no. 111,
Hymn no. 14.
Hymn Book – (Naya Gaan)Sangeet Sagar
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