धर्मसार ( 5 )
सर्वशक्तिसम्पन्न पिता जो एकमात्र परमेश्वर,
उसने सिरजा स्वर्ग धरा सब गोचर और अगोचर ।
यह विश्वास हमारा (2)
1. मात्र एक प्रभु येसु ख्रीस्त जनमे जो परमेश्वर से,
जनमे सभी युगों के पहले, ईशवर हैं ईश्वर से,
नहीं बने वह, परम पिता से जन्मे हैं वह नित सुत,
सत्य ईश से सत्य ईश हैं, ज्योति – ज्योति से निस्सृत ।
यह विश्वास हमारा (2)
2. एक तत्व सुत-पिता, सृष्टि यह सिरजी सुत के द्वारा,
मुक्ति लिए आए हरने को जग का कल्मष सारा,
मिली पवित्र आत्मा के द्वारा देह मातु मरिया से,
मानव बन उतरे कि तृप्त हों सभी धरा के प्यासे ।
यह विश्वास हमारा (2)
3. चढे क्रूस पर येसु, पिलातुस में कष्ट सहा था,
पुन: तीसरे दिवस जी उठे जैसा पूर्व कहा था,
गये स्वर्ग में जहाँ पिता के दाएँ वे शोभित है,
आकर देंगे न्याय सभी को जो मृत और जीवित हैं,
अमर राज्य के स्वामी हैं वह । यह विश्वास हमारा ।
4. महिमामय पवित्र आत्मा जो प्रभु जीवन-दाता है,
पिता-पुत्र से प्रसृत, उनके संग गौरव पाता है,
पिता-पुत्र के साथ-साथ उसका वन्दन आराधन,
वह नबियों के मुख से बोला, जीवन-दाता पावन ।
यह विश्वास हमारा ( 2 )
5. एकमात्र काथलिक प्रेरितिक पावन कलीसिया है,
पाप क्षमा के लिए एक ही बपतिस्मा सुक्रिया है,
मृतकों के फिर से जी उठने की उस दिन पावन की
बाट जोहते हम आगामी परलोक के जीवन की ।
यह विश्वास हमारा (2)
Song Link –
New Song (Naya Gaan) Page no. 15,
Hymn no. 5.
Hymn Book – (Naya Gaan)Sangeet Sagar
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