प्रभु अब विनय हमारी सुनिये । प्रभु अब विनय हमारी ।
दीन बन्धु तुम दीन नाथ प्रभु । जग यों कहत पुकारी । (2 ) सुनिये प्रभु अब विनय हमारी ।
1.हुआ,पाप-पथ जग अनुगामी,
कृपा करहु पुण्य-पथ गामी
हमें सहारा तेरा स्वामिन्,
दया करहु अब शरण तिहारी,
तुम बिन सुधि ले कौन हमारी
2. हमें सताती दुर्बलताएँ,
सदा नयी आती विपदाएँ
प्राणनाथ अब प्राण बचाओ
दया करहु हे प्रभु जगस्वामी,
आये, आये शरण तिहारी ।
Song Link –
New Song (Naya Gaan) Page no. 134,
Hymn no. 3.
Hymn Book – (Naya Gaan)Sangeet Sagar
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