1+2. ईश्वर के मेमने, तू जग के पाप हरता है,
हम पर दया, हे मेमने ( 2 )
3 ईश्वर के मेमने, तू जग के पाप हरता है,
शांति प्रदान कर, हे मेमने (2)
(ठढ़िया : धिग्त तदंग धींग-तक धींग-तिक्द धितंग इतिंग तांग)
Song Link –
New Song (Naya Gaan) Page no. 28,
Hymn no. 32.
Hymn Book – (Naya Gaan)Sangeet Sagar
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