1. स्वर्ग में दिखाई दिया, एक महा निशान ।
एक सुकुँवारी जिसका सूरज रहा परिधान ।
2. चाँद उसके पाँव तले, रहा पैड़ी समान ।
बारह तारों का ताज, सिर पर था छविमान ।
3. जय-जय पिता ईश्वर की पुत्र की भी समान ।
जय ही पवित्र आत्मा की, तीनों हों जयमान ।
4. जैसे आदिकाल रहा, उनकी ज़य से पूर्ण
युगयुगांतर रहे सदा, उनकी जय से पूर्ण ।
Song Link –
New Song (Naya Gaan) Page no. 208,
Hymn no. 28.
Hymn Book – (Naya Gaan)Sangeet Sagar
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