प्रभु येसु के चरणों से भटक कर मैं किधर जाऊँ । (2)
1. मैं हर्षित मन से आता हूँ हदय की भेंट लाता हूँ,
बीते दिनों में हे प्रभु तूने मुझको सँभाला है ।
2. अनुग्रह के सिंहासन से विनय मेरी प्रभु सुन ले,
हर एक घड़ी और हर पग में, प्रभु मैं मानूँ तेरी ही ।
Song Link –
New Song (Naya Gaan) Page no. 93,
Hymn no. 29.
Hymn Book – (Naya Gaan)Sangeet Sagar
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