मैंने जीवित प्रभु को पाया ।
मेरा हदय नाच उठा, नाच उठा ।
मैंने जीवित प्रभु को पाया ।
1. वो मुझसे कहता मैं हूँ रोटी, तेरी आत्मा जिससे पलती । मांस मेरा सेवन करता, स्वर्गधाम है वह पाता ।
2. जो मुझसे कहता – दाखलता हूँ जो हर अंकुर को सहलाए । जीवन रस का पान करे जो अगणित फल है वह पाता ।
3. वो मुझसे कहता – मैं हूँ जीवन जो अनंत का भाग्य बदल दे।
वो कोई मुझमें है बस जाता निज समाधि से उठ पाता ।
4. वो मुझसे कहता – राह वही हूँ परम पिता जहाँ तुझको दूंढे । पदचिन्हों पर चल तू मेरे साथ मेरे उसको पाता ।
Song Link –
New Song (Naya Gaan) Page no. 102,
Hymn no. 46.
Hymn Book – (Naya Gaan)Sangeet Sagar
ChristianPrayerSongs
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