ओ क्या दूँगा मैं येसु को,
इतने भारी दानों के लिए ।
ओ क्या दूँगा मैं येसु को
इतने भारी दानों के लिए ।
1. दूँगा मैं जीवनप्राण येसु को,
दूँगा मैं हदय प्राण येसु को,
क्योंकि वह बनाता है मन्दिर ,
मेरे जैसे अयोग्य हदय को । ( 2)
2. जीऊँगा मैं जीवन भर येसु हित,
जीऊँगा मैं प्रतिक्षण येसु हित,
क्योंकि वह मरा है मेरे हित,
जीवन देने को ही मेरे हित । (2)
3. ढोऊँगा मैं अपना क्रूस प्रतिदिन,
होऊँगा मैं येसु लायक प्रतिदिन,
इस प्रकार जी करके प्रतिदिन,
उसकी गोद प्राण त्याग दूँगा एक दिन । ( 2 )
Song Link –
New Song (Naya Gaan) Page no. 97,
Hymn no. 38.
Hymn Book – (Naya Gaan)Sangeet Sagar
ChristianPrayerSongs
No comments:
Post a Comment