अंतिम दिवस बजेगी तुरही, नव रुप का खुलेगा मेला ।
स्वर्ग-राज्य में जीवित त्राता देगें मुझको रूप अलबेला ।
1. हे प्रभु ! मैं प्यार करता हूँ, तू मेरा बल है,
तूने मुझे – अत्याचार से बचा लिया है ।
प्रभु ही मेरी चट्टान और मेरा गढ़ है,
मेरे ईंश्वर ने मेरा उद्धार – किया ।
2. वही मेरी चट्टान है, जहाँ मुझे शरण मिलती है,
वही मेरी ढाल – और मेरा शक्तिशाली – सहायता है ।
3. प्रभु की जय । धन्य है मेरी चट्टान।
मेरे मुक्तिदाता – ईश्वर की – स्तुति हो ।
Song Link –
New Song (Naya Gaan) Page no. 235,
Hymn no. 9.
Hymn Book – (Naya Gaan)Sangeet Sagar
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