भूल न, प्रभो, प्रजा प्रिय तुम, शाँति लेती धरा में जो ।
दिव्य दर्शन ज्योति स्पर्शन स्वर्ग सुख चिर शांति
तुम दो । भूल न, प्रभो ।
1. हे प्रभु ! मैं गहरे गर्त्त में से तेरी दुहाई देता हूँ ।
हे प्रभु ! तू मेरी विनती पर – ध्यान देने की – कृपा कर ।
2. हे प्रभु ! तुझ से पापों की क्षमा ही मिलती है,
इसलिए लोग तुझ पर – श्रद्धा – रखते हैं ।
3. प्रभु ही मेरा आसरा है;
तेरा आत्मा उसकी प्रतिज्ञा पर – भरोसा – रखती है ।
4. भोर की प्रतीक्षा करने वाले पहरेदारों से भी अधिक
मेरा आत्मा – प्रभु की राह देखती है ।
5. इस्राएल प्रभु की राह देखता रहे ।
क्योंकि दयासागर प्रभु उदारतापूर्वक –
मुक्ति प्रदान प्रदान – करता है ।
Song Link –
New Song (Naya Gaan) Page no. 236,
Hymn no. 10.
Hymn Book – (Naya Gaan)Sangeet Sagar
ChristianPrayerSongs
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