मेरे प्रभुवर, मेरे ईश्वर, तू है पालक हम हैं सेवक,
भर दे दिल में प्रेम के अरमान ।
1. तेरी वाणी प्रेम से भरपूर, मधुर मधुर है अति मनोहर ।
2. तेरा हृदय शाँति का सागर, पापी-दिल को करता शीतल । 3. तेरे दर्शन के हम प्यासे , पुनर्मिलन के हम अभिलाषी । 4.आत्मा मेरी तव यश गाती, प्रेम-मुदित हो करे बधाई ।
Song Link –
New Song (Naya Gaan) Page no. 90,
Hymn no. 24.
Hymn Book – (Naya Gaan)Sangeet Sagar
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