1. दिन और रात को, मेरी आत्मा,
मरिया की स्तुति कर ।
वह तो तेरी प्रेमी माता
इस संसार में जीवन-भर ।
उसकी दया, उसकी प्रीति,
उसके सारे गुण अपार ।
दया करके नित सुन लेती
अपने बालकों की पुकार ।
2. दुःख आ पड़े और सतावे,
तेरी माता निकट है ।
मदद देके और सँभालके
नित दिलासा देती है ।
3. शैतान आवे और फुसलावे
उससे तू नहीं डरता,
क्योंकि माता की मदद से,
तू शैतान को जीत लेता ।
Song Link –
New Song (Naya Gaan) Page no. 205,
Hymn no. 25.
Hymn Book – (Naya Gaan)Sangeet Sagar
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