मेरी आत्मा प्रभु की महिमा गाती है, महिमा गाती है,
मेरी आत्मा प्रभु की महिमा गाती है, महिमा गाती है,
मेरी आत्मा ।
1. क्योंकि प्रभु ने मेरे लिए किये हैं (2)
कार्य महान उसने किये हैं ।
5. मेरी आत्मा प्रभु का गुण गाती है,
मेरा मन मेरे मुक्तिदाता ईश में
आनन्द से भरपूर हो जाता है ।
3. क्योंकि प्रभु ने अपनी इस दासी की (2)
दीनता पर कृपा दृष्टि की है ।
4. पीढ़ियाँ अबसे मुझे धन्य कहेंगी,
क्योंकि सर्वशक्तिमान परमेश्वर ने
मेरे लिए किये हैं कार्यं महान ।
5. पावन है प्रभु परमेश्वर का नाम,
श्रद्धालू भक्तों पर उसकी कृपा
पीढ़ी दर पीढ़ी बनी रहती है
6. उसने अपना बाहुबल दिखाया ( 2 )
घमंडियों को तितर-बितर किया ।
7. उसने बलवानों को गिरा दिया है,
उसने बलवानों को गिरा दिया और
दीनों को बलवान बना दिया है ।
8. उसने कंगालों को किया सम्परव (2)
धनियों को लौटा दिया है खाली हाथ ।
Song Link –
New Song (Naya Gaan) Page no. 206,
Hymn no. 26.
Hymn Book – (Naya Gaan)Sangeet Sagar
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