मैंने तुमको देखा प्रभुवर शिशु की भोली मुस्कानों में,
मैंने तुमको पाया प्रभुवर, युवकों के प्रसन्न गानों में ।
1. मैंने दर्शन किये तुम्हारे, दीन-दुखी की आहों में,
मैंने देखी तेरी करूणा, रक्षक की दृढ़ बांहों में,
2. तुमने बोध दिया यह प्रभुवर, निर्धनता है कलंक जग में । हिंसा पाप अधर्म हैं पलते नित दिन इसके तिमिर अंक में ।
3. तुमने खोली आँख हदय में, कैसी भर दी प्रबल प्रेरणा,
मन की वेदी में चुपके से, अमर ज्योति की चिनगारी दी ।
Song Link –
New Song (Naya Gaan) Page no. 102,
Hymn no. 47.
Hymn Book – (Naya Gaan)Sangeet Sagar
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