स्तोत्र 16
मैं तुझमें ही शरण चाहता, मुझे बचाना, ईश्वर । (2)
1. कहता हूँ मैं प्रभु से अपने, तू ही स्वामी मेरा ।
तुझसे भला न दूजा कोई है नजदीकी मेरा ।
2. क्योंकि भरोसे उसके जो हैं उसके थल पर बसते ।
मेरी हर इच्छा कौतुक से स्वामी पूरी करते ।
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New Song (Naya Gaan) Page no. 50,
Hymn no. 16.
Hymn Book – (Naya Gaan)Sangeet Sagar
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