गाऊँ बड़ाई तुम्हारी, येसु जी मैं तुम पर बलिहारी ।
1. भूखों की रोटी हो तुम,
प्यासों का, प्रभु, पानी हो तुम । (2 )
1-5. अख जल जीवन-दाता तुम,
येसु जी मैं तुम पर बलिहारी ।
2. अंधों की आँखें हो तुम,
कोढ़ो की, प्रभु, काया ही तुम । (2)
3. भक्तों के प्यारे हो तुम,
दुःखियों का, प्रभु, हर्ष हो तुम । (2)
4. लंगडों के पांव हो तुम,
दीनों की, प्रभु, ढाल हो तुम । (2)
5. गूँगों की जिह्वा हो तुम,
बहरों के, प्रभु, श्रवण हो तुम । (2 )
Song Link –
New Song (Naya Gaan) Page no. 83,
Hymn no. 8.
Hymn Book – (Naya Gaan)Sangeet Sagar
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