मैं हूँ जीवन की रोटी, जो है स्वर्ग से उत्तर आयी ।
मैं हूँ जीवन की रोटी ।
1. मेरा मांस बना खाना, मेरा लोहू बना पीना,
मानव मात्र का असल जीना ।
2. मेरा मांस जो खाता है, मेरा लोहू जो पीता है,
वह अनंत जीवन पाता है ।
3. मेरे पास जो आता है, मुझसे विश्वासस जो करता है,
भूख-प्यास नहीं वो सहता है ।
Song Link –
New Song (Naya Gaan) Page no. 83,
Hymn no. 9.
Hymn Book – (Naya Gaan)Sangeet Sagar
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