केवल एक रोटी है
हम सब अनेक जो भी हैं
एक शरीर बनाते हैं ( 2 )
क्योंकि हम एक रोटी में
सहभागी होते हैं ।
1. यह आशीष का प्याला है (2)
जब हम इसे अशीषते हैं (2)
1 – 3. येसु मसीह के जीवन में
हम सब भाग लेते हैं ।
2. स्वर्ग से उतरी रोटी ( 2 )
जब हम इसे तोड़ते हैं ( 2 )
3. प्रेम से जब जब एकत्र हैं (2)
एक साथ हम एकत्र हैं (2)
Song Link –
New Song (Naya Gaan) Page no. 104,
Hymn no. 50.
Hymn Book – (Naya Gaan)Sangeet Sagar
ChristianPrayerSongs
No comments:
Post a Comment