मैंने प्रभु को ग्रहण किया है,
प्रेमानन्द से दिल भर गया है,
मैंने प्रभु को ग्रहण किया है ।
1. येसु प्रभु ही जीवन रोटी जीवन रोटी है ।
2. येसु प्रभु ही स्वर्ग की रोटी स्वर्ग की रोटी है ।
3. येसु प्रभु ही आत्मिक भोजन आत्मिक भोजन है ।
4. येसु प्रभु ही दूतों का भोजन संतों का भोजन है ।
5. येसु प्रभु ही मुझे खिलाता मुझे पिलाता है ।
6. येसु प्रभु ही मुझे जिलाता मुझे सँभालता है ।
Song Link –
New Song (Naya Gaan) Page no. 104,
Hymn no. 49.
Hymn Book – (Naya Gaan)Sangeet Sagar
ChristianPrayerSongs
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